नीति एवं शास्त्रों के ज्ञानी चाणक्य व्यक्ति को बारीकी से परखने की शक्ति रखते थे और इसी के बल से उन्होंने गुप्त नीतियों का निर्माण किया जो वर्तमान के समय में भी बहुत उपयोगी होती जा रही है। आज से हज़ारों सालों पूर्व चाणक्य के नाम से अनेकों राजा एवं मंत्री कांपते थे क्योंकि उनके द्वारा बताई नीतियाँ दुश्मन का नाश करने के लिए काफी है।
सामान्य व्यक्ति को चाणक्य शिक्षा देते हुए है कि जो व्यक्ति इन तीन चीज़ों से संतुष्ट नहीं रहता वह जीवन में कभी सुखी नहीं रह सकता क्योंकि यही चीज़े इंसान के ज्ञान एवं सुख का कारण बनती है।
- चाणक्य लिखते है कि व्यक्ति के जन्म के साथ ही उसका भाग्य तय हो जाता है इसलिए व्यक्ति को अपनी पत्नी से संतुष्ट रहना चाहिए और जबकि पराई स्त्री दुःख के समान है।
- व्यक्ति को आवश्यकता से अधिक भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे शरीर ही नहीं बल्कि विकार का जन्म होता है।
- व्यक्ति के पास इतना धन ज़रूर होना चाहिए जिससे उसको सुख प्राप्त हो, आवश्यकता से अधिक धन की लालच व्यक्ति की शांति छिन्न लेता है।
मित्रों, यदि आप भी चाणक्य की बताई राह पर चलना पसंद करते है तो नीचे दिया गया फॉलो एवं लाइक बटन अवश्य दबाए।
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