महात्मा बुद्ध कोई सामान्य व्यक्ति नहीं बल्कि विष्णु का साक्षात अवतार थे उनके द्वारा प्रकट की गयी बातें इंसान के दुःख का नाश कर सकती है। बुद्ध को वास्तविक सच्चाई का ज्ञान हो चुका था वे इस बात को भलीभाँति जान गए थे कि मनुष्य के जीवन का क्या मकसद है। यदि आप भी दुखी है तो बुद्ध की बताई चार गुप्त बातों का पालन अवश्य करे।
दूसरे आर्य सत्य में बुद्ध दुःख का मुख्य कारण इच्छा,तृष्णा को बताते हुए कहा कि जब तक मनुष्य के अंदर किसी चीज़ को प्राप्त करने की इच्छा होगी, तब तक वह दुखी ही रहेगा लेकिन जिस दिन से उसकी इच्छा खत्म हो जाएगी उसी दिन से उसे आत्म ज्ञान होने लगेगा।
बुद्ध ने बताया कि तृष्णा को दूर करने के लिए संसार में प्रिय लगने वाली चीज़ों को त्याग देना चाहिए, जिससे मनुष्य ज्ञान के मार्ग पर चला जाता है।
दुःख को दूर करने के लिए भगवान बुद्ध ने अष्टांगिक मार्ग को बताया जो दुःख को दूर करने में प्रबल है।
मित्रों, यदि आप भी भगवान बुद्ध की बातों को मानते है तो नीचे दिया गया फॉलो एवं लाइक बटन अवश्य दबाए।
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