दोस्तों जब बालक तरुण अवस्था में होता है तब उसके दिमाग में अधिक विचार नहीं होते, जीवन का लक्ष्य भी नहीं होता लेकिन जब वह बड़ा होता है तो दूसरे लोगो को देखकर खुद भी वैसा बनने की सोचता है जो हम सभी के साथ भी होता है जैसे पहले साइकल मिली उसके बाद बाइक और बाइक के बाद गाडी यह सब इच्छा हमारे अंदर फुर्ती ही रहती है।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह सब प्राप्त करने के लिए कितनी मेहनत की जरुरत होती है, अगर आप ऐसा सोचते है कि इन चीज़ो के लिए इंसान को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है तो आप आप बिलकुल गलत है क्योंकि यह सब पाना एक खेल से ज्यादा कुछ नहीं, बाकी मेहनत तो गधे भी कर लेते है। कहने का अर्थ यह है कि आपके अंदर छुपा हुआ टैलेंट आपको सफल बना सकता है लेकिन ऐसा भी नहीं है कि बिना मेहनत के सब कुछ मिल जायेगा परन्तु दिमाग का उपयोग करना ज़रूरी है।
बहुत से लोगो के सपने अधूरे रह जाते है और जब वे बूढ़े हो जाते है तब सोचते है कि यार थोड़ी और मेहनत कर लेता तो मेरे सभी सपने पुरे हो सकते थे। दरअसल में मेहनत के साथ दिमाग का उपयोग करना सीखना ज़रूरी है तभी आप जल्दी सफल हो सकते है। उबलता हुआ पानी 211 डिग्री पर होता है तो तेज गर्म हो जाता है लेकिन जब 212 डिग्री पर आता है तो उबलने लगता है उससे निकली भाँप गाड़ी के इंजन को चला सकती है तो फिर आपके अंदर दबी चिंगारी क्या नहीं कर सकती है? इस दुनिया का कोई काम मुश्किल नहीं होगा जिस दिन वह चिंगारी आग बन जाएगी।
आपको यह लेख पसंद आया हो तो नीचे दिया फॉलो का बटन जरूर दबाए और आपको जिस विषय पर जानकारी चाहिए वह कमेंट करके जरूर बताए हम सदा आपके साथ है
No comments:
Post a Comment