वाल्मीकि रामायण से पता चलता है कि रावण प्राचीन समय का खलनायक राजा था जिसने माता सीता का हरण कर लिया था लेकिन महाबली रावण ने ऐसा अपनी बहन सूर्पणखा का बदला लेने के लिए किया था। रावण अपने आप को महान बनना चाहता था इसलिए उसने शिव और ब्रह्मा से ऐसे वरदान माँग लिए थे जिससे कोई उसका वध नहीं कर पाए। परन्तु क्या आप जानते है रावण जितना दुराचारी था उतना ही ज्ञानी भी था उसने मंदोदरी को स्त्रियों के चार अवगुण बताए थे जो आज के समय में भी लागू होते है।
जब रावण सीता को लेकर लंका आया तो उसकी पत्नी मंदोदरी यह जान कर डर गयी क्योंकि उसे रावण की मृत्यु की भविष्यवाणी के बारे में पता था इसलिए मंदोदरी ने सीता को वापस लौटाने की बात कही परन्तु रावण ने यह श्लोक बोलकर मंदोदरी को चुप करवा दिया जिसका वर्णन रामचरित मानस में मिलता है।
“नारि सुभाऊ सत्य सब कहहीं। अवगुन आठ सदा उर रहहीं। साहस अनृत चपलता माया। भय अबिबेक असौच अदाया।“
1) साहस का गलत प्रयोग -
रावण के अनुसार स्त्रियों में अधिक मात्रा में साहस होता है लेकिन वह बिलकुल काम नहीं आता क्योंकि महिला अपना साहस सही समय पर नहीं दिखा पाती इसलिए यह सबसे बड़ा अवगुण है।
2) जूठ बोलने की आदत -
उपयुक्त श्लोक अनुसार महिलाओं में जूठ बोलने की बुरी आदत होती है वे अपना बचाव करने के लिए किसी को भी उलझा सकती है इसलिए स्त्रियों का कभी विश्वास नहीं करना चाहिए क्योंकि मंदोदरी ने भी रावण को कही जूठ बोले थे लेकिन उसका पता रावण को चल गया था वही जब युद्ध चल रहा था उस दौरान मंदोदरी ने श्री राम का साथ दिया था।
3) कोई बात पचती नहीं -
रावण के अनुसार महिला के पेट में कोई बात अधिक समय तक नहीं टिकती इसलिए उन्हें कोई राज की बात नहीं बतानी चाहिए और यह बात सच भी हुई जब मंदोदरी ने रावण की मृत्यु का राज हनुमान को बता दिया था।
4) स्वार्थी स्वभाव -
रावण के अनुसार महिला के स्वभाव में स्वार्थ छुपा होता है इसलिए वे अपने कार्य को पूरा करवाने के लिए माया रचती है लेकिन उसके बाद खुद उसमे फ़स जाती है, यदि जानकारी पसंद आए तो फॉलो का बटन जरूर दबाए।
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