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Sunday, April 7, 2019

4 चीज़ों का अपमान करने पर शुरू होता है बुरा वक्त ??

कहा जाता है कि इंसान का बुरा वक्त कभी बता कर नहीं आता लेकिन जब आता है तो शरीर के कपड़े तक नहीं छोड़ता, यही कारण है कि इंसान बुरे समय से हमेशा डरता है वह चाहता है कि उसका समय एक समान बना रहे लेकिन ऐसा ना कभी संभव हुआ है और ना आगे होगा क्योंकि आज हम जिस समय एवं स्थिति से गुज़र रहे है उसका सबसे बड़ा कारण हमारे कर्म ही है।

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यह बात किसी के द्वारा कई सुनी नहीं बल्कि स्वयं शास्त्र इस बात की पृष्ठि करते है कि मनुष्य को उसके बुरे कर्म का फल अवश्य भुगतना पड़ता ही है लेकिन इसके बावजूद मनुष्य बुरे कर्म करता ही रहता है। यदि आप किसी व्यक्ति या शास्त्रों को बारीकी से पढ़ने का अभ्यास करोगें तभी इस विषय को समझ सकते हो।
यदा देवेषु वेदेषु गोषु विप्रेषु साधुषु। धर्मो मयि च विद्वेषः स वा आशु विनश्यित इस श्लोक में भगवान कृष्ण कहते है कि जो व्यक्ति देवताओं, वेदों, गौ, ब्राह्मण-साधु को नुकसान पहुँचाता है अथवा धर्म के विरुद्ध कार्य से जुड़ा होता है उसका बुरा वक्त उसी क्षण से शुरू हो जाता है लेकिन हम इन सभी बातों की अवेहलना करते हुए जाने अनजाने अपमान कर देते है।

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भले ही मनुष्य को यह सब बातें तुच्छ लगती हो लेकिन इसके जीवित प्रमाण भूतकाल में हो चुके है रावण जोकि सबसे ताक़तवर राजा था लेकिन देवताओं के प्रति द्वेष ही उसकी मृत्यु का कारण बना, ठीक इसी तरह दुर्योधन ने ऋषि मैत्रेय का अपमान किया जिससे उसे युद्ध में मरने का श्राप मिला। द्रोणाचार्य का पुत्र अश्व्थामा पराक्रमी था लेकिन उसने सदैव अधर्म का साथ दिया इसलिए उसे आजीवन वन में भटकने का श्राप मिला।
जब अधिक सुख होता है तब व्यक्ति सुख की आड़ में धर्म को भूल जाता है इसलिए हमेशा धर्म और दान जैसे कर्मों में मन लगाना चाहिए क्योंकि धन आपके साथ नहीं जाने वाला लेकिन किये गए अच्छे कर्म आपका वर्तमान जीवन ज़रूर सुधार सकते है।

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