योगवशिष्ठ रामायण सबसे अदभुत और परमज्ञान को देने वाली है इस रामायण में गुरु वसिष्ठ ने श्री राम को आत्मज्ञान देने हेतु उदेश्य दिए है जिसके अनुसार जीवन में यह 4 सत्य को जानकर भी मानव अज्ञान की ओर चल पड़ा है जिसका कारण नाश है। गुरु वसिष्ठ सप्त ऋषियों में एक है जो बह्रमा से प्रकट हुए है। उनके अनुसार यह चार बातें अटल सत्य है।
1) स्त्री -
रामायण अनुसार जिस स्त्री को देखकर लोग मोहित हो जाते है वह वास्तव में एक रक्त और माँस का पुतला है जिसको प्राप्त करने के बाद भी व्यक्ति की अग्नि शांत नहीं होती है इसलिए मनुष्य को चाहिए कि वह जीवन के वास्तविक ज्ञान को समझे और मनुष्य जीवन को सार्थक बनाएं।
2) लालच -
रामायण अनुसार धन और संपत्ति मात्र जीवन जीने में काम आते है लेकिन व्यक्ति का मुख्य उदेश्य इस संसार से मुक्त होना है उसके लिए किसी गुरु की शरण लेनी चाहिए जो वास्तव में आत्मज्ञानी हो क्योंकि लोभ की कोई सीमा नहीं है।
3) पापी व्यक्ति -
वसिष्ठ जी अनुसार व्यक्ति के द्वारा किये गए पाप इसके साथ उसके परिवार का भी नाश कर देते है। पापी व्यक्ति न तो यह जीवन सुख से व्यतीत होता है और न दूसरा जन्म क्योंकि वह हर जन्म में अपने पापों को गधे के भाँति ढोहता रहता है और यह अटल सत्य है।
वशिष्ट के द्वारा बताई तीनों बातें आधुनिक समय में भी सत्य साबित हो रही है। हम आगे भी ऐसी उपयोगी जानकारी आपको शेयर करते रहेंगे अगर जानकारी पसंद आये तो कृपया हमे फॉलो करे।

No comments:
Post a Comment