महाभारत की कथा सभी जानते है लेकिन बहुत कम लोग जानते है कि पांडवो का जन्म पाण्डु से नहीं बल्कि मंत्र शक्ति से हुआ था। जिसके पीछे का कारण हमको महाभारत में मिलता है दरअसल पाण्डु एक बार वन में अपनी पत्नी कुंती और माद्री के साथ शिकार करने जाते है उस समय उनको हिरणों का जोड़ा दिखता है और पाण्डु उनके ऊपर बाण चला देते है।
लेकिन वह कोई हिरण का जोड़ा नहीं बल्कि किन्दम ऋषि और उनकी पत्नी थी और वे ऋषि पाण्डु को श्राप देते है कि जब तुम अपनी पत्नी के साथ सम्बन्ध बनाओगे तो तुम्हारी भी मृत्यु हो जाएगी। इस श्राप के कारण पाण्डु वासना का त्याग कर देते है। पाण्डु की पत्नी कुंती को दुर्वासा ऋषि से मन्त्र ज्ञान मिला था कि वह मंत्र के बल से किसी भी देवता से वरदान मांग सकती है इसलिए कुंती ने पाण्डु के कहने पर धर्मराज का आह्वान किया और उनसे युधिस्ठर, वायुदेव से भीम, इंद्र से अर्जुन को माँगा था।
कुंती ने माद्री को यह ज्ञान दिया जिसके कारण अश्विनीकुमारों ने नकुल और सहदेव को प्रकट किया था और इस प्रकार पांचो पांडवो का जन्म वरदान स्वरूप हुआ था। ग्रंथो अनुसार महाभारत के सभी पात्र देवता रूप ही थे जो धर्म की स्थापना करने के लिए आये थे। अगर आपको ऐसी जानकारी पढ़ना पसंद है तो हमे फॉलो जरूर करे।
No comments:
Post a Comment