प्राचीन काल दौरान जितने भी ऋषि हुए वे आज के ढोंगी बाबा की तरह नहीं थे उनका जीवन ईश्वर के प्रति समर्पित हुआ करता था लेकिन यह कलयुग का असर देखो कि लोग अपनी आजीविका चलाने के लिए ऋषि का वेश धारण कर लेते है वास्तव संत पुरुषों का मिलना कठिन है। आचार्य शुक्र देव दैत्यों के ऋषि थे उन्होंने दैत्यों के ज्ञान को बढ़ाने के लिए सभी मुमकिन प्रयास किए थे उन्ही के द्वारा बताई गयी बातें आज के समय में बहुत उपयोगी होती जा रही है।
1) किसी की आजीविका को नुकसान पहुँचाना -
ख़ासतौर पर आज के समय में लोगो का स्वभाव ऐसा हो गया है कि अगर कोई इंसान तरक्की कर रहा है तो उसके आगे बाधा बन जाते है और कई बार उसके पेट पर लाट मारने से भी नहीं चूकते लेकिन शुक्र देव अनुसार दूसरों का बुरा करने वाले लोगो का कभी कल्याण नहीं हो सकता।
2) बुरा व्यवहार करना -
जो व्यक्ति अपने नौकर-चाकर और परिवार के साथ बुरा व्यवहार रखता है वह जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफल हो भी गया तो उसका परिवार उससे दुखी ही रहेगा इसलिए असली सुख प्रेम में है धनवान होने के बावजूद जो बुरा व्यवहार रखता है उससे बड़ा निर्धन मनुष्य कोई नहीं हो सकता।
3) हिंसा करना -
दुनिया की किसी भी किताब में हिंसा करना नहीं बताया गया है इसलिए जो व्यक्ति ऐसे विचार रखता है उसका कभी कल्याण संभव नहीं है क्योंकि ऐसे लोगो की सोच बहुत छोटी हो जाती है और जीवन के मुलभुत कर्तव्य कभी नहीं सिख सकते है।
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