ईश्वर एक महान शक्ति है उसने हमारे दिमाग में असीमित शक्तियाँ दी हुई है लेकिन हम ही उसे समझ नहीं पाते और दुखी होने पर ऊपर वाले को दोष देते रहते है। जरा विचार कीजिए जब कुदरत ने हमे बनाने में कोई भेद नहीं किया तो वह शक्ति कैसे दुःख दे सकती है? हम सभी के पास एक समान अवसर और ज्ञान लेकिन यह हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम कितना ग्रहण कर सकते है।
ज्यादातर लोग जब दुखी अथवा असफल होते है तब दूसरों को दोष देते है और कहते है कि इसी के कारण मुझे असफलता मिली, लेकिन सत्य यह है कि हमारी असफलता हम खुद ही है। आप एक बार फिर उठे, प्रयास करे और एक दिन आपको भी अवश्य सफलता मिलेगी लेकिन कभी हिम्मत मत टूटने देना, क्योंकि मेरे मत अनुसार दुनिया का सबसे बड़ा पाप किसी की हिम्मत को तोडना ही है।
आपको मजबूत बनना होगा, इस दुनिया से लड़ना होगा अभी आप किसी भी क्षेत्र में सफल व्यक्तित्व हासिल कर सकते हो। यदि आपको हमारे विचार पढ़ना पसंद है तो नीचे दिया गया फॉलो एवं लाइक बटन अवश्य दबाए।
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