बलवान रावण को लोग बुरी नजर से इसलिए देखते है क्योंकि वह अभिमानी था उसने माता सीता को हरण किया लेकिन जिस व्यक्ति को दुनिया नफ़रत की नजर से देखती है उसी व्यक्ति के अंदर की अच्छी बातों को कोई नहीं देखता क्योंकि लोगों के दिमाग में बुराई की छाप पड़ चुकी है। लेकिन समझदार व्यक्ति वही है जो बुरे लोगो में से अच्छी बातें को ढूंढ निकाले।
आज के समय की तुलना करे जो रावण से भी बड़े महात्मा इस संसार में है लेकिन उनके पास ताक़त होने की वजह से कोई उनको बोल नहीं सकता। अगर आप रामायण को पढ़ोगे तो इस बात का पता चल जायेगा कि पंडित रावण जितना बलवान इस संसार में कोई नहीं हुआ।
रावण के अंदर की 4 अच्छाइयाँ -
1) शास्त्रों में ज्ञाता -
बलवान रावण को सभी शास्त्र और चारों वेदों का ज्ञाता बताया गया है सिर्फ इतना ही नहीं रावण ने कई शास्त्र का निर्माण भी किया जिसमे ''रावण सहिंता'' मुख्य है। रावण सहिंता में यश,सम्मान और बल प्राप्त करने के टोटके बताए गए जो आज के समय में कई लोग इनका पालन करते भी है।
2) एक समान नजर -
पंडित रावण सभी को एक समान नजर से देखता था उसके राज्य में यदि कोई व्यक्ति गलती करता, तो उसको मृत्यु दंड मिलता था लेकिन उसकी जगह अगर रावण का पुत्र भी कोई गलती कर देता तो रावण उसको भी वही सजा देता जो सामान्य लोगो को देता था लेकिन हैरानी की बात है कि आज के समय में कोई अभिनेता अपराध करे तो हमारी सरकारी उन्हें vip झेल में रखती है।
3) सीता जी का सम्मान -
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रावण इतना ताक़तवर था कि वह माता सीता को अपनी रानी बना सकता था लेकिन उसने माता सीता को महल में रखने के बजाए अशोक वाटिका में रखा। इसके पीछे कथा प्रचलित है कि रावण को उर्वशी से श्राप मिला था कि अगर वह किसी स्त्री से ज़बरदस्ती संबंध बनाएगा तो भस्म हो जायेगा।
4) राम को जीत का आशीर्वाद -
जब भगवान श्री राम विजय यज्ञ कर रहे थे उस दौरान कोई पंडित नहीं मिलने पर स्वयं रावण उस यज्ञ में शामिल हुआ था और श्री राम को विजय होने का आशीर्वाद दिया था क्योंकि रावण ऋषि विश्राव का पुत्र था।
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